बच्चों के लिए मन में हिसाब लगाने की 20 ट्रिक, एक-एक कदम समझाकर

ज़्यादातर बड़े मन में हिसाब कुछ ऐसी ट्रिक से लगाते हैं जो उन्होंने बिना ध्यान दिए सीख लीं: किसी आसान संख्या तक पूरा करना, दस जोड़कर एक वापस लेना, दोगुना करना और आधा करना। स्कूल के कई पाठ्यक्रमों में इनमें से कुछ सिखाई भी जाती हैं, जैसे दस बनाना, पर बच्चे अक्सर इनसे थोड़ी देर ही मिलते हैं और फिर कॉपी में लिखकर हल करने का तरीका हावी हो जाता है। इनका जान-बूझकर अभ्यास करने से ये पक्की हो जाती हैं।

इस गाइड में वे बीस ट्रिक हैं जो इस साइट के मुफ्त गेम Math Ninja में सिखाई जाती हैं, उसी क्रम में जिसमें गेम उन्हें सिखाता है। हर ट्रिक के साथ एक हल किया हुआ उदाहरण है और, इससे भी ज़रूरी, यह कि वह काम क्यों करती है। जो ट्रिक बच्चा खुद समझा सके, उसके याद रहने और सही इस्तेमाल होने की संभावना कहीं ज़्यादा है। नीचे दिया हर उदाहरण वही है जो गेम अपने Watch हिस्से में इस्तेमाल करता है, इसलिए यह पढ़ते माता-पिता और गेम खेलता बच्चा एक ही संख्याएँ देख रहे होते हैं। गेम अंग्रेज़ी में है, इसलिए हर ट्रिक के हिंदी नाम के साथ कोष्ठक में उसका अंग्रेज़ी नाम भी दिया है।

बच्चे के साथ इसे कैसे इस्तेमाल करें। एक ट्रिक चुनिए। अलग-अलग संख्याओं के साथ तीन-चार बार साथ मिलकर कदम ज़ोर से बोलिए। फिर बच्चे से कहिए कि वह आपको समझाए। अगर वह बता सके कि यह क्यों काम करती है, तो आगे बढ़िए। अगर वह सिर्फ़ यह बता सके कि क्या करना है, तो एक दिन और रुकिए।

➕ जोड़

1. दोस्ताना संख्याएँ (Friendly Numbers)

मुश्किल संख्या को पूरी दहाई तक ले जाइए, जोड़िए, फिर जो ज़्यादा लिया था वापस कर दीजिए।

उदाहरण: 48 + 35 = 83

  1. 48 तो 50 के बिल्कुल पास है। इसमें 2 जोड़कर पूरा कीजिए। 48 + 2 = 50
  2. अब जोड़ आसान है। 50 + 35 = 85
  3. पूरा करने के लिए हमने 2 उधार लिए थे। वापस कीजिए। 85 − 2 = 83

यह काम क्यों करती है: एक संख्या में 2 जोड़ना और जवाब में से 2 घटाना, दोनों एक-दूसरे को बराबर कर देते हैं। हमने बस मुश्किल हिस्से को आखिर में खिसका दिया, जहाँ वह एक आसान कदम है।

2. बाएँ से दाएँ (Left to Right)

पहले दहाइयाँ जोड़िए, फिर इकाइयाँ, फिर दोनों को मिला दीजिए।

उदाहरण: 53 + 36 = 89

  1. पहले दहाइयाँ: 50 और 30। 50 + 30 = 80
  2. अब इकाइयाँ: 3 और 6। 3 + 6 = 9
  3. मिला दीजिए। 80 + 9 = 89

यह काम क्यों करती है: जोड़ किसी भी क्रम में हो सकता है। दहाई में दहाई, फिर इकाई में इकाई, यह कॉपी वाला तरीका ही है बस उलटी दिशा से, और इससे बड़ी संख्याएँ नज़र में रहती हैं, इसलिए पहले कदम से ही जवाब लगभग सही होता है।

3. दस बनाना (Making Tens)

एक संख्या से बस उतना उधार लीजिए जितने में दूसरी संख्या दस बन जाए।

उदाहरण: 8 + 7 = 15

  1. 10 बनने के लिए 8 को थोड़ा चाहिए। कितना? 10 − 8 = 2
  2. 7 में से 2 ले लीजिए। 7 − 2 = 5
  3. दस और 5। 10 + 5 = 15

यह काम क्यों करती है: 8 + 7 और 10 + 5 का जोड़ एक ही है; हमने बस एक ढेर से 2 उठाकर दूसरे में रख दिए। किसी भी संख्या में दस जोड़ना आसान है, इसलिए पूरा काम बस यह पता करना रह जाता है कि किसी संख्या को दस तक पहुँचने के लिए कितना चाहिए।

4. 9 जोड़ने की फिसलन (The Plus 9 Slide)

9 जोड़ना है? 10 जोड़िए और एक पीछे फिसल जाइए।

उदाहरण: 67 + 9 = 76

  1. इसकी जगह 10 जोड़िए, यह आसान है। 67 + 10 = 77
  2. एक पीछे फिसलिए। 77 − 1 = 76

यह काम क्यों करती है: 9, 10 से एक कम है। 10 जोड़ने से बस एक दहाई आगे बढ़ते हैं, इसलिए आसान संख्या जोड़िए और एक से सुधार कर लीजिए।

5. दोगुना और एक (Doubles Plus One)

पड़ोसी संख्याएँ? छोटी वाली को दोगुना कीजिए और 1 जोड़िए।

उदाहरण: 7 + 8 = 15

  1. छोटी संख्या को दोगुना कीजिए। 7 × 2 = 14
  2. एक और जोड़िए। 14 + 1 = 15

यह काम क्यों करती है: पड़ोसी संख्याएँ एक दोगुना और एक होती हैं। बच्चों को दोगुने अक्सर ज़ुबानी याद होते हैं, इसलिए 7 + 8 एक ऐसी चीज़ बन जाता है जो उन्हें पहले से आती है, बस एक और।

➖ घटाना

6. घटाने के लिए ऊपर गिनो (Add Up to Subtract)

छोटी संख्या से बड़ी तक ऊपर गिनिए, जैसे दुकानदार छुट्टे पैसे लौटाता है।

उदाहरण: 100 − 84 = 16

  1. 84 से अगली दहाई, 90 पर छलाँग लगाइए। कितनी दूर? 90 − 84 = 6
  2. 90 से 100 तक। 100 − 90 = 10
  3. दोनों छलाँगें जोड़िए। 6 + 10 = 16

यह काम क्यों करती है: दो संख्याओं के बीच की दूरी एक ही रहती है, चाहे किसी भी तरफ़ से चलें। आसान छलाँगों में ऊपर गिनने से उधार लेने की ज़रूरत ही नहीं पड़ती, और दुकानदार ठीक इसी तरह छुट्टे गिनता है।

7. दोनों संख्याएँ खिसकाओ (Shift Both Numbers)

दोनों संख्याओं को बराबर खिसकाइए, ताकि उधार न लेना पड़े।

उदाहरण: 72 − 39 = 33

  1. दोनों में 1 जोड़िए। 72 बन जाता है… 72 + 1 = 73
  2. …और 39 एक पूरी दहाई बन जाता है। 39 + 1 = 40
  3. वही अंतर, आसान संख्याएँ। 73 − 40 = 33

यह काम क्यों करती है: दोनों संख्याओं में बराबर जोड़ने से अंतर नहीं बदलता (73 और 40 में उतनी ही दूरी है जितनी 72 और 39 में)। हमने वह खिसकाव चुना जिससे नीचे वाली संख्या पूरी दहाई बन जाए।

8. सब 9 से, आखिरी 10 से (All from 9, Last from 10)

1,000 में से घटाना है? हर अंक 9 में से, आखिरी 10 में से।

उदाहरण: 1000 − 436 = 564

  1. सैकड़े का अंक 9 में से। 9 − 4 = 5
  2. दहाई का अंक 9 में से। 9 − 3 = 6
  3. आखिरी अंक 10 में से। 10 − 6 = 4
  4. तीनों जवाबों को एक संख्या की तरह पढ़िए। 5 6 4 = 564

यह काम क्यों करती है: 1000 = 999 + 1। 999 में से घटाने में कभी उधार नहीं लेना पड़ता (हर अंक 9 है), और बचा हुआ 1 आखिरी अंक को 9 की जगह 10 में से घटाकर संभल जाता है। अगर संख्या 0 पर खत्म हो, तो आखिरी गैर-शून्य अंक को 10 में से घटाइए और शून्य वैसा ही रखिए (1000 − 430: 5, 7, फिर 0, यानी 570)। Math Ninja सिर्फ़ ऐसी संख्याएँ देता है जो 0 पर खत्म नहीं होतीं।

9. 9 घटाने का चक्कर (The Minus 9 Loop)

9 घटाना है? 10 घटाइए और एक वापस दे दीजिए।

उदाहरण: 54 − 9 = 45

  1. इसकी जगह 10 घटाइए। 54 − 10 = 44
  2. यह एक ज़्यादा हो गया। वापस दीजिए। 44 + 1 = 45

यह काम क्यों करती है: 9, 10 से एक कम है। 10 घटाना आसान है, पर इससे एक ज़्यादा निकल जाता है, इसलिए एक वापस रख दीजिए।

10. पहले दहाई तक उतरो (Drop to a Ten)

दो आसान टुकड़ों में घटाइए: पहले किसी दहाई तक, फिर बाकी।

उदाहरण: 83 − 15 = 68

  1. पहले 3 घटाकर दहाई पर पहुँचिए। 83 − 3 = 80
  2. अभी और कितना घटाना बाकी है? 15 − 3 = 12
  3. अब बाकी घटाइए। 80 − 12 = 68

यह काम क्यों करती है: दो कदमों में घटाना एक साथ घटाने के बराबर है। पहला कदम एक पूरी दहाई पर ले आता है, और पूरी दहाई में से घटाना आसान है।

✖️ गुणा

11. दोगुना और आधा (Double and Halve)

एक संख्या को आधा कीजिए, दूसरी को दोगुना। जवाब वही, सवाल आसान।

उदाहरण: 14 × 15 = 210

  1. 14 का आधा। 14 ÷ 2 = 7
  2. 15 का दोगुना। 15 × 2 = 30
  3. आसान जोड़ी का गुणा कीजिए। 7 × 30 = 210

यह काम क्यों करती है: एक गुणनखंड को आधा और दूसरे को दोगुना करने से गुणनफल नहीं बदलता (14 × 15 और 7 × 30 दोनों 210 हैं)। इससे एक अटपटी जोड़ी ऐसी जोड़ी बन जाती है जिसमें एक पूरी दहाई वाली संख्या हो।

12. 11 का नियम (The 11 Rule)

दो अंकों की संख्या गुणा 11: दोनों अंकों का जोड़ बीच में रख दीजिए।

उदाहरण: 35 × 11 = 385

  1. दोनों अंक, 3 और 5, जोड़िए। 3 + 5 = 8
  2. इसे बीच में रखिए: 3 _ 5। 3 8 5 = 385

यह काम क्यों करती है: 35 × 11 = 35 × 10 + 35 = 350 + 35। यह जोड़ अंक-दर-अंक लिखें तो सैकड़े पर 3, दहाई पर 3 + 5 और इकाई पर 5 आता है। जब दोनों अंकों का जोड़ 9 से ज़्यादा हो, तो 1 हासिल पहले अंक में जोड़ दीजिए।

13. गुणा 5 (Times 5)

संख्या का आधा कीजिए, फिर 10 से गुणा।

उदाहरण: 24 × 5 = 120

  1. आधा कीजिए। 24 ÷ 2 = 12
  2. गुणा 10, बस एक शून्य लगा दीजिए। 12 × 10 = 120

यह काम क्यों करती है: 5, 10 का आधा है। पहले आधा करना और फिर शून्य लगाना वही काम करता है जो 5 से एक बार में गुणा, और कोई पहाड़ा भी नहीं चाहिए।

14. गुणा 9 (Times 9)

10 से गुणा कीजिए, फिर एक समूह घटा दीजिए।

उदाहरण: 7 × 9 = 63

  1. पहले गुणा 10। 7 × 10 = 70
  2. एक 7 घटाइए। 70 − 7 = 63

यह काम क्यों करती है: 9 समूह यानी 10 समूह में से एक समूह कम। दस से गुणा मतलब आखिर में एक शून्य, फिर संख्या को एक बार घटा दीजिए।

15. दोगुने का दोगुना (Double-Double, ×4)

गुणा 4 बस दो बार दोगुना करना है।

उदाहरण: 18 × 4 = 72

  1. दोगुना कीजिए। 18 × 2 = 36
  2. फिर से दोगुना कीजिए। 36 × 2 = 72

यह काम क्यों करती है: 4 = 2 × 2। दो बार दोगुना करने से चार से गुणा हो जाता है, और दोगुना करना बच्चे बिना सोचे कर लेते हैं।

16. गुणा 15 (Times 15)

10 से गुणा कीजिए, उसका आधा जोड़िए।

उदाहरण: 22 × 15 = 330

  1. गुणा 10। 22 × 10 = 220
  2. उसका आधा। 220 ÷ 2 = 110
  3. दोनों को जोड़िए। 220 + 110 = 330

यह काम क्यों करती है: 15 = 10 + 5, और 5, 10 का आधा है। इसलिए गुणा 15 यानी गुणा 10 और उसका आधा।

17. 5 पर खत्म होने वाली संख्याओं का वर्ग (Squares ending in 5)

पहले अंक को उसकी अगली संख्या से गुणा कीजिए, फिर आखिर में 25 लगा दीजिए।

उदाहरण: 35 × 35 = 1225

  1. 3 को उससे अगली संख्या, 4 से गुणा कीजिए। 3 × 4 = 12
  2. आखिर में 25 जोड़ दीजिए। 12 25 = 1225

यह काम क्यों करती है: (10n + 5)² = 100·n·(n+1) + 25। बीजगणित बड़ों के लिए है; बच्चे को बस पैटर्न चाहिए, और यह 5 पर खत्म होने वाली हर संख्या पर काम करता है।

➗ भाग

18. 5 से भाग (Divide by 5)

संख्या को दोगुना कीजिए, फिर 10 से भाग।

उदाहरण: 145 ÷ 5 = 29

  1. दोगुना कीजिए। 145 × 2 = 290
  2. 10 से भाग, बस शून्य हटा दीजिए। 290 ÷ 10 = 29

यह काम क्यों करती है: 5 से भाग देना 10 से भाग देकर दोगुना करने जैसा है, क्योंकि 5 = 10 ÷ 2। पहले दोगुना करने से सब कुछ पूर्ण संख्याओं में रहता है।

19. आधे का आधा (Half-Half, ÷4)

दो बार आधा करके 4 से भाग दीजिए।

उदाहरण: 112 ÷ 4 = 28

  1. आधा कीजिए। 112 ÷ 2 = 56
  2. फिर से आधा कीजिए। 56 ÷ 2 = 28

यह काम क्यों करती है: 4 = 2 × 2, इसलिए 4 से भाग यानी दो बार आधा। आधा करना भाग देने से आसान है, बड़ी संख्याओं के साथ भी।

20. टुकड़ों में बाँटो (Chunking)

बड़ी संख्या को दो आसान टुकड़ों में तोड़िए और हर एक को भाग दीजिए।

उदाहरण: 132 ÷ 6 = 22

  1. 132 को 120 और 12 में तोड़िए। बड़े टुकड़े को भाग दीजिए। 120 ÷ 6 = 20
  2. अब छोटा टुकड़ा। 12 ÷ 6 = 2
  3. दोनों जवाब जोड़िए। 20 + 2 = 22

यह काम क्यों करती है: भाग किसी कुल को बाँटता है, और कुल को पहले किसी भी सुविधाजनक टुकड़ों में तोड़ा जा सकता है। ऐसा बड़ा टुकड़ा चुनिए जो भाजक का आसान गुणज हो, फिर छोटा बचा हुआ हिस्सा संभालिए।

पहले कौन-सी ट्रिक सिखाएँ

उनसे शुरू कीजिए जो दहाई पर टिकी हैं: दस बनाना, 9 जोड़ना, 9 घटाना, और दोस्ताना संख्याएँ। इनसे मन में हिसाब लगाने का सबसे काम का विचार बनता है: कि दस पर खड़े होना सबसे आसान है। उसके बाद दोगुने, गुणा 4 और गुणा 5 आते हैं, क्योंकि दोगुना और आधा करना खेल जैसा लगता है। 11 का नियम और 5 पर खत्म होने वाली संख्याओं का वर्ग सबसे आखिर के लिए रखिए; ये महफ़िल वाली ट्रिक हैं, और जब बच्चे को बाकी पर भरोसा हो जाए, तब ये बेहतर बैठती हैं।

Math Ninja हर ट्रिक तीन तरह से सिखाता है: पहले एक हल किया हुआ उदाहरण देखिए, फिर एक साथ मिलकर कीजिए जिसमें हर कदम भरा जाता है, फिर पाँच खुद से। तारे हर ट्रिक के हिसाब से सेव होते हैं, इसलिए बच्चा कुछ हफ़्तों में बीसों को एक-एक करके जगमगाते देख सकता है।

स्रोत

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